पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कदम पर्यावरण मित्र घर 

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कुरुक्षेत्र ( बातों बातों में /रणदीप रोड़ ) 
अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दर्शन विभाग एवं यूथ अफेयर्स ऑर्गनाइजेशन के सम्मिलित प्रयास से घरों से निकलने वाले कचरे का प्रबंधन करने के लिए एक ऐसी योजना तैयार की गई है जिससे हर  घर अपने कचरे का निवारण इस तरीक़े से कर सके की उस से पर्यावरण को नुक़सान न हो और कुछ फ़ायदा ही हो । इस प्रयास में सर्व प्रथम दो घरों से इस मुहिम की शुरूआत की गई है । इस अभियान का विषय “हमारा सपना कचरा मुक्त भारत अपना” है।

इस योजना की जानकारी देते हुए दर्शन विभाग की अध्यक्षा प्रोफ़ेसर अनामिका गिरधर ने बताया कि इस योजना के लिए जो पहला घर चुना गया है वह प्रोफ़ेसर कॉलोनी में स्थित प्रोफ़ेसर एस एल पॉल का है और दूसरा घर राजेंद्र सोनी का है जो शांति नगर में स्थित है ये दोनों घर अपने प्रतिदिन गीले कचरे और सूखे कचरे को अलग करते हुए गीले कचरे से गमलों में खाद बनाने की शुरूआत करेंगे। इस प्रकार उन्हें अपने कचरे को बाहर नहीं फेंकना पड़ेगा और उससे उन्हें खाद भी मिलेगी जिससे उनके किचन गार्डन में अच्छी पैदावार हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि इस मुहिम में यह सम्मिलित है कि हम प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें और जितना हो सके प्लास्टिक को रीसाइकिल करें और साथ ही ख़रीदारी के लिए जाते समय घर से कपड़े का बैग लेकर जाएं ताकि हमें दुकान से प्लास्टिक का बैग ना लेना पड़े। इन घरों को पर्यावरण मित्र घर का नाम दिया गया है। इस प्रकार यदि हम सचेतन होकर अपनी कुछ आदतों को बदल लें तो पर्यावरण को होने वाले नुक़सान से बचा जा सकता है क्योंकि पर्यावरण हैं तो हम हैं। केयू के दर्शन विभाग एवं यूथ अफेयर आर्गेनाइजेशन का यह प्रयास वेस्ट मैनेजमेंट में एक मील का पत्थर साबित होगा।
इस कार्यक्रम में यूथ अफ़ेयर आर्गेनाइजेशन के प्रेसीडेंट रणबीर बतान, राजेंद्र सिंह सोनी, डॉ. जयकिशन चंदेल, डॉ. कृष्ण, डॉ. अजमेर सिंह उपस्थित रहे।

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