कुरुक्षेत्र के राजेश पुरोहित नहीं रहे 

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कुरुक्षेत्र ( बातों बातों में/रणदीप रोड़) श्रीकृष्ण संग्रहालय, कुरुक्षेत्र के पूर्व क्यूरेटर एवं उपनिदेशक तथा इलाहाबाद संग्रहालय एवम् इंडियन म्यूजियम, कोलकाता के पूर्व निदेशक  राजेश पुरोहित का निधन 2 मार्च 2025 को तड़के 2 बजे चेन्नई स्थित ग्लेनीगल्स ग्लोबल अस्पताल हुआ। वह वर्तमान में जगन्नाथ पुरी, ओडिशा में परिवार सहित रहते थे। परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बेटियां हैं। उनका अन्तिम संस्कार आज जगन्नाथ पुरी, ओडिशा में होगा। 

संगहालय के कॉर्डिनेटर  राजेन्द्र सिंह राणा ने बताया कि उन्होंने  राजेश पुरोहित एवं उनकी पत्नी शर्मिला पुरोहित के साथ मिलकर सन् 1987 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संचालित पुरात्तव संस्थान, नई दिल्ली के ओर से प्रशिक्षु पुरातत्वविद् के रूप में थानेसर स्थित हर्ष के टीले का उत्खनन किया था। इसके पश्चात राजेश पुरोहित ने सन् 1990 में श्रीकृष्ण संग्रहालय को अपनी सेवाएं दी। श्रीकृष्ण संग्रहालय के संग्रह को बढ़ाने हेतु उनके अप्रतिम योगदान के लिए उन्हे सदैव याद रखा जाएगा। उनके समर्पित प्रयासों के कारण ही इस संग्रहालय ने भारत के अग्रणी संग्रहालयों में अपना स्थान बनाया है। संग्रहालय के साथ-साथ 48 कोस कुरुक्षेत्र तथा हरियाणा की पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक विरासत के अनुसंधान एवं अन्वेषण में उनके अमूल्य योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि के अनुसंधान के साथ-साथ संग्रहालय के पुरातात्विक संग्रह को संजोने में उनका बहुत बड़ा योगदान था।  राणा ने कहा कि उनका निधन श्रीकृष्ण संग्रहालय के साथ-साथ हरियाणा के पुरातत्व के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। 

संग्रहालय के प्रभारी बलवान सिंह ने कहा कि उन्होंने श्रीकृष्ण संग्रहालय में एक नई कार्य संस्कृति को विकसित करने में बड़ा योगदान दिया था। आज भी संग्रहालय समय-समय पर उनसे मार्गदर्शन लेता रहता था। उन्होंने कहा कि इस गहन दुख की घड़ी में संग्रहालय उनके परिवार के साथ एकजुटता से खड़ा है तथा संग्रहालय परिवार भगवान श्रीकृष्ण से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना करता है। निश्यच ही उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

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